A) एक सोची-समझी चाल, जो दोआबा में उनकी पकड़ फिर मजबूत कर सकती है।
B) सबूत, कि आज इंतजार नहीं, पार्टी बदलना ही इनाम दिलाता है।
C) विचारधारा से ज्यादा चुनावी गणित पर टिकी अल्पकालिक बढ़त।
D) संकेत कि दिग्गजों को भी प्रासंगिक रहने के लिए खुद को नए सिरे से ढालना पड़ता है।