A) बिना सर्वमान्य चेहरे के सुखबीर को हटाना विभाजन को और बढ़ा सकता है।
B) बगावत स्पष्ट विकल्प से ज्यादा अलग-अलग महत्वाकांक्षाओं का संकेत है।
C) गुटबाज़ी 2027 से पहले अकाली वोट बैंक को और कमजोर कर सकती है।
D) असली चुनौती सुखबीर को बदलना नहीं, बल्कि ऐसा नेता ढूँढना है जो पार्टी और
कार्यकर्ताओं को फिर से जोड़ सके।