A) हाँ, बचित्तर सिंह के पास अभी भी शाहकोट में कोहाड़ विरासत को फिर जिंदा करने का समय है।
B) लगातार दो झटके बताते हैं कि कोहाड़ दौर अब खत्म हो चुका है।
C) अकाली दल बचित्तर सिंह को रखे, लेकिन मजबूत ज़मीनी मेहनत और जनसंपर्क के साथ।
D) शाहकोट को अब नया अकाली चेहरा चाहिए, न कि फिर एक विरासत वाला दांव।