A) इकबाल सिंह झूंदां और संता सिंह उमैदपुर की बगावत ने पुनर सुरजीत नेतृत्व के भीतर नई दरारों को उजागर कर दिया है।
B) लगातार हो रहे इस्तीफे और आंतरिक असंतोष पारंपरिक अकाली नेतृत्व के विकल्प होने के पार्टी के दावे को कमजोर कर रहे हैं।
C) 2027 के चुनावों से पहले पुनर सुरजीत गुट के लिए सबसे बड़ी परीक्षा उसकी आंतरिक एकजुटता साबित हो सकती है।
D) जो पार्टी खुद अंदर से बंटी हो, उसके लिए पंजाब की पंथक राजनीति को एकजुट करना कहीं अधिक कठिन होगा।