A) जवाबदेही के बिना एकता, पंथक मिशन की आड़ में चुनावी समझौता बनकर रह सकती है।
B) हर गुट को साबित करना होगा कि वह 2 दिसंबर के हुक्मनामे का सम्मान करता है।
C) नेतृत्व और प्रभाव की होड़ में लगे चार गुट एकजुट नहीं हो सकते।
D) अकाली नेताओं को निजी और राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं से ऊपर पंथक हितों को रखना होगा।