क्या भाजपा की केंद्रीय नेतृत्व इस समय पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ के कंधों पर सवार होकर पंजाब के गंभीर मुद्दों और सिख राजनीति में दखल देने की तैयारी कर रही है,
जबकि भाजपा अपने बुनियादी हिंदुत्व के मुद्दे पर अडिग खड़ी नज़र आती है?
आपकी क्या राय है?
A) भाजपा दूरी बनाकर सिर्फ हालात का अनुमान लगा रही है।
B) पंजाबी समुदाय अभी भी भाजपा को पहली पसंद नहीं मानता।
C) भाजपा माहौल और सच्चाई देख रणनीति बदल लेगी।