कांग्रेस से आम आदमी पार्टी और फिर भारतीय जनता पार्टी तक – एक राजनीतिक रोलरकोस्टर। सुशील कुमार रिंकू ने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत 2017 में कांग्रेस के टिकट पर जालंधर वेस्ट जीतकर की थी।
2023 में उन्होंने आम आदमी पार्टी में शामिल होकर जालंधर लोकसभा उप-चुनाव जीता।
एक साल से भी कम समय में उन्होंने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दिया और 2024 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। रिंकू के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने और उनके चुनावी उतार-चढ़ाव को देखते हुए,
आप उनके राजनीतिक सफर को कैसे देखते हैं?
A) रणनीतिक राजनीतिक खिलाड़ी।
B) सत्ता के पीछे दौड़ने वाला अवसरवादी।
C) सीमित प्रभाव वाला मुखौटा।