A) शामिल होना भारत की संप्रभुता और गैर-हस्तक्षेप की नीति को कमजोर कर सकता है।
B) बाहर रहना भारत की भूमिका सीमित कर सकता है, जबकि प्रतिद्वंद्वी मंच पर असर बढ़ाएँ।
C) देरी असमंजस नहीं, बल्कि अमेरिकी दबाव में अपनाई गई कूटनीतिक रणनीति है।
D) यह फैसला बताएगा कि विदेश नीति में अब व्यावहारिकता सिद्धांतों पर भारी है या नहीं।