A) संगठित ट्रोलिंग राजनीतिक बहस की जगह योजनाबद्ध सार्वजनिक अपमान ले रही है।
B) जब वायरल उपहास राजनीतिक रणनीति बन जाता है, तो गरिमा और लोकतांत्रिक संवाद दोनों कमजोर पड़ते हैं।
C) जो राजनीति सभ्य संवाद के बजाय डिजिटल दुर्व्यवहार को बढ़ावा देती है, वह अंततः सार्वजनिक संस्थाओं को कमजोर करती है।
D) कोई भी राजनीतिक व्यवस्था जो ट्रोल संस्कृति को प्रोत्साहित करती है या उससे लाभ उठाती है, वह अल्पकालिक प्रचार के लिए अपनी विश्वसनीयता दांव पर लगा देती है।